Nagarjun/नागार्जुन

Nagarjun/नागार्जुन

Its not that girls living in villages only hope that they will be married to suitable husbands. It happens to many of us, but life is not what we expect it to be. Gripping story!!

जीवन की आशाओं, निराशाओँ और हकीकतों का मंजर। कहानी पढ़नी शुरु की तो बस पढ़ती ही चली गई!

I bought this book on the train station and i liked it so much that I finished it within few hours.

चाणक्य नीति या चाणक्य सूत्र के शीर्षकों से हिन्दी पाठकों के सामने कई पुस्तके मुद्रित हुई हैं, परंतु अधिकांश में सतही जानकारी दी जाती है। यह पुस्तक भी प्रामाणिक नहीं मानी जा सकती है। परंत एक सामान्य पाठक के लिए जो कि चाणक्य और उसके विचारों के संबंध में प्राथमिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है, यह पुस्तक एक अच्छा आरंभ दे सकती है।

उषाजी की कहानियाँ विदेशों में विशेषकर अमेरिका में रहने वाली भारतीय महिलाओँ की मनःस्थिति का अत्यंत सजीव चित्रण करती है। इनकी 'शेष यात्रा' विशेष पठनीय है।

जन्म : सन् 1911 में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन।

जन्मस्थान : ग्राम तरौनी , जिला दरभंगा (बिहार)। परंपरागत प्राचीन पद्धति से संस्कृत की शिक्षा।

सुविख्यात प्रगतिशील कवि-कथाकार। हिंदी , मैथिली , संस्कृत और बांग्ला में काव्य-रचना। पूरा नाम वैद्यनाथ मिश्र ‘ यात्री ’ । मातृभाषा मैथिली में ‘ यात्री ’ नाम से ही लेखन। शिक्षा-समाप्ति के बाद घुमक्कड़ी का निर्णय। गृहस्थ होकर भी रमते-राम। स्वभाव से आवेगशील , जीवंत और फक्कड़। राजनीति और जनता के मुक्तिसंघर्षों में सक्रिय और रचनात्मक हिस्सेदारी। मैथिली काव्य-संग्रह ‘ पत्रहीन नग्न गाछ ’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान तथा मध्य प्रदेश और बिहार के शिखर सम्मान सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित।

प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें : रतिनाथ की चाची , बाबा बटेसरनाथ , दुखमोचन , बलचनमा , वरुण के बेटे , नई पौध आदि (उपन्यास) ; युगधारा , सतरंगे पंखोंवाली , प्यासी पथराई आँखें , तालाब की मछलियाँ , चंदना , खिचड़ी विप्लव देखा हमने , तुमने कहा था , पुरानी जूतियों का कोरस , हजार-हजार बाँहोंवाली , पका है यह कटहल , अपने खेत में , मैं मिलिटरी का बूढ़ा घोड़ा (कविता-संग्रह) ; भस्मांकुर , भूमिजा (खंडकाव्य) ; चित्रा , पत्रहीन नग्न गाछ (हिंदी में भी अनूदित मैथिली कविता-संग्रह) ; पारो (मैथिली उपन्यास) ; धर्मलोक शतकम् (संस्कृत काव्य) तथा संस्कृत से कुछ अनूदित कृतियाँ।

नागार्जुन का कविता-संग्रह....

सामाजिक-साहित्यिक-राजनीतिक विडम्बना भरी जिन्दगी पर एकदम अछूता और करारा व्यंग्य.... आगे...

नागार्जुन के इस नये कविता संग्रह में प्रकृति का अनूठा चित्रण दिया गया है

यहाँ जो भी रचनाएँ संकलित हैं वे पहले अन्य किसी संग्रह में प्रकाशित नहीं की गयी हैं।

इसमें एक नारी के प्रेम, बेबसी, विशाल-हृदयता और उसके अकुंठ जीवन-संघर्ष का मर्मस्पर्शी चित्रण हुआ है।

कथा मंजरी मनोरंजक, रोचक बाल कहानियाँ आगे...

मध्यवर्गीय जिन्दगी के नरक पर आधारित पुस्तक... आगे...

कुम्भीपाक नामक नरक की रचना जिन जीवन-स्थितियों से हुई होगी, नागार्जुन का यह उपन्यास उन्हीं के शब्दांकन का परिणाम है।

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