Aalochak Ka Aakash - Hindi book by - Madhuresh - आलोचक का आकाश - मधुरेश

Aalochak Ka Aakash - Hindi book by - Madhuresh - आलोचक का आकाश - मधुरेश

Its not that girls living in villages only hope that they will be married to suitable husbands. It happens to many of us, but life is not what we expect it to be. Gripping story!!

जीवन की आशाओं, निराशाओँ और हकीकतों का मंजर। कहानी पढ़नी शुरु की तो बस पढ़ती ही चली गई!

I bought this book on the train station and i liked it so much that I finished it within few hours.

चाणक्य नीति या चाणक्य सूत्र के शीर्षकों से हिन्दी पाठकों के सामने कई पुस्तके मुद्रित हुई हैं, परंतु अधिकांश में सतही जानकारी दी जाती है। यह पुस्तक भी प्रामाणिक नहीं मानी जा सकती है। परंत एक सामान्य पाठक के लिए जो कि चाणक्य और उसके विचारों के संबंध में प्राथमिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है, यह पुस्तक एक अच्छा आरंभ दे सकती है।

उषाजी की कहानियाँ विदेशों में विशेषकर अमेरिका में रहने वाली भारतीय महिलाओँ की मनःस्थिति का अत्यंत सजीव चित्रण करती है। इनकी 'शेष यात्रा' विशेष पठनीय है।

संस्मरण >> आलोचक का आकाश

लेखन की शुरुआत कहानी से करने वाले मधुरेश की आलोचना में एक विशिष्ट पहचान है। ‘आलोचक का आकाश’ उनकी ऐसी संस्मरणात्मक कृति है जिसमें वह आत्ममुग्धता से तो बचे ही हैं, उस परिवेश को भी उन्होंने बखूबी पकड़ा है, जिसमें वे जिए–बढ़े।

उनका यह कथन महत्त्वपूर्ण है कि जिया गया परिवेश कभी पूरी तरह से नहीं मिट पाता। वह उस परिवेश को जीने वाले व्यक्ति के अंदर जीवित रहता है। यह भी सच है कि इन स्मृतियों में उतरना और उन्हें कागज पर उतारना किसी बीहड़ यात्रा से कम नहीं है। इस अपनी जी हुई दुनिया में मधुरेशजी पूरे मन से उतरे हैं और खोज–खोजकर पुरानी चीजें निकाल कर ले आए हैं।

यह एक ऐसी सम्मोहक यात्रा है जिसमें उनके साथ पाठकों को भी अद्भुत आनंद का अनुभव होगा। यह एक अनूठी संस्मरण–यात्रा इसलिए भी है कि यहां व्यक्ति राम प्रकाश शंखधर ही नहीं, उसका वह पूरा समय, समाज और आत्मीयजन भी पूरी आत्मीयता के साथ कथा का हिस्सा बन चुके हैं।

मधुरेशजी के शब्दों में यह उस समय व समाज का पुनराविष्कार है, इसे पढ़ते हुए रसवान पाठकों को रचनात्मक गद्य का आस्वाद तो मिलेगा ही, वे आलोचक के आकाश से भी प्रामाणिक रूप में जुड़ सकेंगे।

हिन्दी गद्य को समृद्ध करने वाली इस कृति को सुधी पाठक सहेज कर रखना चाहेंगे।

मूल्य:&nbsp&nbsp $ 14.5

मूल्य:&nbsp&nbsp $ 12

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